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Showing posts from January, 2022

भाषार्जन प्रक्रिया

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Youtube भाषार्जन प्रक्रिया भाषा अर्जन ऐसी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत हम अपने आस पास के वातावरण, माता पिता और अन्य व्यक्तियों के सम्पर्क में रहकर भाषा सीखते है। प्राकृतिक प्रक्रिया कोई औपचारिक साधन की आवश्यकता नही पड़ती है। यह एक प्रकार से मातृ भाषा या क्षेत्रीय भाषा होती है। इसे भाषा प्रथम के नाम से भी जानते है। भाषा अर्जन ( Language acquisition ) हम आस पास के वातावरण,आस पास के लोगो के माध्यम से भाषा सीखते है। इसमें किताब और व्याकरण की जरूरत नही पड़ती । चॉम्स्की -   ‘‘भाषा अर्जन की क्षमता बालकों में जन्मजात होती है और वह भाषा की व्यवस्था को पहचानने की शक्ति के साथ पैदा होता है।’’ वैगोत्सकी - " बालक भाषा का अर्जन परिवेश और समाज के माध्यम से करता है और ये भाषा दो प्रकार की होती है आत्मकेंद्रित और बह्याकेंदृत जो क्रमशः स्वं संवाद और समाज संवाद के लिए प्रयोग की जाती है" भाषा अर्जन की विधियाँ १. अनुकरण: बालक जब भी भाषा के नए नियम या व्याकरण के नियम सुनता है, वह उसे बिना अर्थ जाने दोहराता है। इसके द्वारा वह इन नियमों को आत्मसात कर अपने भाषा प्रयोग में लाने ...

लिपि क्या है ? 

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Youtube  लिपि क्या है ?  भाषा जिस रूप में लिखे जाते हैं उसे लिपि कहते है । पंडित कामता प्रसाद गुरु - "लिखित भाषा में मूल ध्वनियों के लिए जो चिह्न मान लिए गए हैं, वे भी वर्ण कहलाते हैं, पर जिस रूप में ये लिखे जाते हैं उसे लिपि कहते हैं ।"  लिपि विकास  चित्र लिपि > प्रतीक लिपि > भावलिपि > ध्वनिलिपि  ध्वनिलिपि- अक्षरात्मक (Syllabic), वर्णनात्मक (Alphabetic)  भारत में प्राचीन समय में तीन लिपियां प्रचलित थीं । 1. सिन्धु घाटी लिपि 2. खरोष्ठी लिपि 3. ब्राह्मी लिपि  सिंधु घाटी लिपि के प्राचीनतम नमूने हड़प्पा तथा मोहनजोदड़ों में मिले हैं । खरोष्ठी दाएं से बाएं लिखी जाती है । इसमें 37 वर्ण (5 स्वर, 11 व्यंजन) होते हैं तथा इसमें संयुक्ताक्षरों का सर्वथा अभाव है । ब्राह्मी लिपि की उत्पत्ति को लेकर मुख्यतः दो मत प्रचलित है - पहला यह भारतीय लिपि है और दूसरा यह विदेशी लिपि है । @iamchandruss