भाषार्जन प्रक्रिया
Youtube भाषार्जन प्रक्रिया भाषा अर्जन ऐसी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत हम अपने आस पास के वातावरण, माता पिता और अन्य व्यक्तियों के सम्पर्क में रहकर भाषा सीखते है। प्राकृतिक प्रक्रिया कोई औपचारिक साधन की आवश्यकता नही पड़ती है। यह एक प्रकार से मातृ भाषा या क्षेत्रीय भाषा होती है। इसे भाषा प्रथम के नाम से भी जानते है। भाषा अर्जन ( Language acquisition ) हम आस पास के वातावरण,आस पास के लोगो के माध्यम से भाषा सीखते है। इसमें किताब और व्याकरण की जरूरत नही पड़ती । चॉम्स्की - ‘‘भाषा अर्जन की क्षमता बालकों में जन्मजात होती है और वह भाषा की व्यवस्था को पहचानने की शक्ति के साथ पैदा होता है।’’ वैगोत्सकी - " बालक भाषा का अर्जन परिवेश और समाज के माध्यम से करता है और ये भाषा दो प्रकार की होती है आत्मकेंद्रित और बह्याकेंदृत जो क्रमशः स्वं संवाद और समाज संवाद के लिए प्रयोग की जाती है" भाषा अर्जन की विधियाँ १. अनुकरण: बालक जब भी भाषा के नए नियम या व्याकरण के नियम सुनता है, वह उसे बिना अर्थ जाने दोहराता है। इसके द्वारा वह इन नियमों को आत्मसात कर अपने भाषा प्रयोग में लाने ...