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Showing posts from October, 2021

कबीरदास

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Youtube.com/iamchandruss  कबीरदास (1398-1518) निर्गुण भक्तिधारा ( ज्ञानाश्रई शाखा ) के प्रथम कवि by रामचंद्र शुक्ल, हजारी प्रसाद द्विवेदी, रामस्वरूप चतुर्वेदी जन्म स्थल- काशी गुरु का नाम- रामानंद माता-पिता: नीरू नीमा कबीर की वाणी का संग्रह धर्मदास ने किया -बीजक (1464) बीजक - 3 भाग - साखी ,सबद ,रमैनी साखी: साक्षी (अर्थ), दोहा (छंद), राजस्थानी पंजाबी मिली खड़ी बोली (भाषा) सबद: शब्द (अर्थ ), गेय पद (छंद), ब्रजभाषा और पूर्वी बोली (भाषा ) रमैनी: रामायण (अर्थ), चौपाई +दोहा (छंद), ब्रजभाषा और पूर्वी बोली (भाषा) कबीरदास की भाषा -  पंचमेल खिचड़ी, सधुक्कड़ी हजारी प्रसाद द्विवेदी कबीर को भाषा का डिक्टेटर कहा । मृत्यु- मगहर  पत्नी -लोई पुत्र- पुत्री :कमाल तथा कमाली कबीर पंथ संप्रदाय के प्रवर्तक- कबीर केंद्र- काशी प्रमुख शिष्य -धर्मदास " मैं कहता हूं आंखिन देखी, तू कहता कागद की लेखी । " @iamchandruss 

पृथ्वीराज रासो

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YouTube   पृथ्वीराज रासो रामचंद्र शुक्ल- चंद हिंदी के प्रथम महा कवि माने जाते हैं और इनका पृथ्वीराज रासो हिंदी का प्रथम महाकाव्य है । चंदबरदाई दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान का सामंत  और राजकवि महाभारत की तरह एक विशाल महाकाव्य चंद प्रतिभाशाली, दूरदर्शी, वीर तथा स्वामिभक्त कवि पृथ्वीराज उसे अपने सखा के समान साथ रखते थे डॉ .नामवर सिंह ने चंदबरदाई को छंदों का राजा कहा जल्ल  (चंद के चार पुत्रों में एक) ने चंद के अधूरे महाकाव्य को पूर्ण किया यह काव्य पिंगल शैली में लिखा गया है राजस्थानी बोलियों का मिश्रण अलंकारों का प्रयोग 69 खंड (समय) 16306 छंद 68 प्रकार के छंदों का प्रयोग मुख्य छंद- कवित्त, दूहा, तोंगर, त्रोटक, गाहा उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा आदि अलंकारों का प्रयोग दिल्ली के अंतिम हिन्दू सम्राट पृथ्वीराज के जीवन की घटनाओं को लेकर लिखा गया वीर रस का सर्वश्रेष्ठ काव्य रासक परंपरा का काव्य प्रेमिका का नाम -संयोगिता चार संस्करण -सबसे बड़ा वह है जिसका प्रकाशन नागरी प्रचारिणी सभा काशी से हुआ है । जिसकी हस्तलिखित प्रति उदयपुर के संग्रहालय में रासो को...

हरिवंशराय बच्चन की आत्मकथा

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Watch now   हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा चार खंडों में लिखी गई है क्या भूलूं क्या याद करूं (1969) नीड का निर्माण फिर (1970) बसेरे से दूर (1977) दशद्वार से सोपान तक (1985) क्या भूलूं क्या याद करूं जन्म से लेकर अपनी पत्नी श्यामा के मृत्यु तक की घटना अपने वंश की उत्पत्ति नाम -जन्म से पूर्व माता-पिता द्वारा हरिवंश पुराण पड़ने के कारण बाल्यावस्था, पारिवारिक जीवन, शैक्षणिक जीवन श्यामा के संग विवाह पारिवारिक आर्थिक परेशानियां श्यामा की बीमारी और मृत्यु नीड का निर्माण फिर श्यामा की मृत्यु के बाद आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण विवश होकर इस मनस्वी से बाहर निकलना पड़ा । फिर देसी तेजी सूरी से मुलाकात, पुनर्विवाह दो पुत्रों का जन्म -अमित ,अजीत बसेरे से दूर परिवार से दूर कैंब्रिज में रहकर साहित्य पर शोध कार्य किया बच्चन के शोध प्रबंध- 'डब्ल्यू .बी .यीट्स के साहित्य में निगूढ तत्व' नेपाल यात्रा, कोलकाता की यात्रा विदेश मंत्रालय में अपनी नियुक्ति के अनुभूतियों को भी मुखरित किया दशरथ द्वार से सोपान तक सबसे विस्तृत इसको दो भाग कर दिए हैं प्रथम पड़ा...

तार सप्तक | How to remember the poets?

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YouTube   ■  तार सप्तक  (1943) अज्ञेय ने नेमि राम से मुक्ति पाने केलिए भारत प्रभाकर को गिरा दिया । अज्ञेय  नेमिचंद्र जैन  रामविलास शर्मा  गजानन माधव मुक्तिबोध  भारत भूषण अग्रवाल  प्रभाकर माचवे 'बलवंत' गिरिजाकुमार माथुर  ■  दूसरा सप्तक  (1951) हरि धर्म केलिए रघुवीर ने शकुन्तला को नरेश सिंह के भवन से निकाल दिया । हरिनारायण घनश्याम व्यास  धर्मवीर भारती  रघुवीर सहाय  शकुन्त माथुर  नरेश मेहता  शमशेर बहादुर सिंह  भवानीप्रसाद मिश्र  ■  तीसरा सप्तक  (1959) कुंवर केदार के सर्व विजय की कीर्ति प्रयाग से लेकर मदनपुर तक फैल गयी । कुंवर नारायण  केदारनाथ सिंह  सर्वेश्वर दयाल सक्सेना  विजयदेव नारायण साही कीर्ति चौधरी  प्रयाग नारायण त्रिपाठी  मदन वात्स्यायन  ■  चौथा सप्तक  (1979) अवधेश के राजकुमार श्रीराम ने राजेन्द्र नन्दकिशोर को सुमन के साथ स्वदेश भेज दिया । अवधेश कुमार  राजकुमार कुंभज  श्रीराम वर्मा  राजेंद्र किशोर  नन्दकिशोर आचार्...

चौथा सप्तक (1979)

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Click here to watch  चौथा सप्तक  (1979) अवधेश कुमार राजकुमार कुंभज स्वदेश भारती नंदकिशोर आचार्य सुमन राजे श्रीराम वर्मा राजेंद्र किशोर अवधेश कुमार (1945-1999) जन्म-देहरादून जिप्सी लड़की (काव्य संग्रह ) राजकुमार कुंभज जन्म - इंदौर, मध्य प्रदेश रचनाएँ - कच्चे घर के लिए ,बुद्ध को बीते बरस बीते, में चुप था जैसे पहाड़ स्वदेश भारती हिंदी के कवि एवं साहित्यकार प्रेमचंद पुरस्कार, साहित्य भूषण पुरस्कार रूपाम्बर नामक मासिक साहित्यिक पत्रिका के संपादक रचनाएँ - इक्कीस सुबह और ,दूसरा वामाचार, भरे हाटे के बीच , त्रासदी के द्वार पर नंदकिशोर आचार्य जन्म-बीकानेर 1945 राजस्थान साहित्य अकादमी के सर्वोच्च मीरा पुरस्कार रचनाएँ - अज्ञेय की काव्य तितीर्षा, तथागत, देहांतर और पागलघर , वह एक समुद्र था सुमन राजे हिंदी साहित्य से जुड़ी लेखिका, कवयित्री और इतिहासकार  जन्म - उत्तर प्रदेश, 1938 साहित्यिक आंदोलन -नारीवाद रचनाएं -साहित्योतिहास: संरचना और स्वरूप, सपना और लाशघर, उगे हुए हाथों के जंगल, इक्कीसवीं सदी का गीत श्रीराम वर्मा जन्म -1935 प्रमु...

तीसरा सप्तक (1959)

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http://www.YouTube.com/iamchandruss  तीसरा सप्तक (1959) प्रयाग नारायण त्रिपाठी मदन वात्स्यायन विजयदेव नारायण साही कुंवर नारायण सर्वेश्वर दयाल सक्सेना केदारनाथ सिंह कीर्ति चौधरी प्रयाग नारायण त्रिपाठी ● विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कविताएं प्रकाशित मदन वात्स्यायन ● अपथगा, शुक्रतारा विजयदेव नारायण साही ● मछलीघर, साखी कुंवर नारायण ● चक्रव्यूह, आत्मजयी , परिवेश, हम तुम , आमने-सामने सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ● काट की घंटियां , गर्म हवाएं, बांध का पुल, जंगल का दर्द,  बांस के पुल केदारनाथ सिंह ● अभी बिल्कुल अभी, जमीन पक रही है, यहां से देखो कीर्ति चौधरी ● खुले हुए आसमान के नीचे , कविताएं @iamchandruss